ईरान पर हमले के लिए अपना एयरस्पेस नहीं देंगे', अब सऊदी-UAE-कतर ने अमेरिका को दिया जोर का झटका*

*'ईरान पर हमले के लिए अपना एयरस्पेस नहीं देंगे', अब सऊदी-UAE-कतर ने अमेरिका को दिया जोर का झटका*


*एयरपोर्ट डील कैंसिल...3 घंटे की भारत यात्रा के बाद UAE के राष्ट्रपति नाहयान ने लिया बड़ा फैसला, भारत के लिए पाकिस्तान पर की 'स्ट्राइक'!*

* यूएई के राष्ट्रपति ने भारत दौरे के बाद बड़ा फैसला लिया है

* भारत ने पाकिस्तान को एक ऐसा झटका दिया है कि जनरल मुनीर और शहबाज शरीफ के होश उड़ गए हैं

* भारत से जुड़ी कूटनीतिक हलचल के बाद संयुक्त अरब अमीरात यानी कि यूएई ने पाकिस्तान को बड़ा आर्थिक झटका दे दिया है

* यूएई ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मैनेजमेंट संभालने वाली डील से हाथ खींच लिया है

* यूएई ने पाकिस्तान से दूरी बनाते हुए भारत के साथ डिफेंस और ट्रेड रिश्ते और गहरे कर लिए हैं


*दिल्ली में जुटेंगे 22 अरब देशों के विदेश मंत्री, पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत बनेगा कूटनीतिक केंद्र*

* भारत 30 से 31 जनवरी 2026 को दिल्ली में दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा. 

* इसमें 22 अरब देशों के मंत्री शामिल होंगे. 

*पश्चिम एशिया संकट के बीच यह सम्मेलन भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका, ऊर्जा सुरक्षा, IMEC कॉरिडोर और क्षेत्रीय शांति में उसकी छवि को मजबूत करता है.*


*अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी में है, लेकिन सऊदी अरब, UAE और कतर ने साफ कर दिया है कि वे अपना एयरस्पेस और लॉन्चपैड नहीं देंगे.*

* अमेरिका ने ईरान पर संभावित हमले की पूरी रणनीति तैयार कर ली है.

* एक बार फिर मिडिल ईस्ट में वह अकेला पड़ता दिख रहा है. 

* खाड़ी के बड़े मुस्लिम देशों ने अमेरिका से दूरी बना ली है. 

*सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने साफ कह दिया है कि वे ईरान पर किसी भी हमले के लिए लॉन्चपैड नहीं बनेंगे.*


◆  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है. आशंका है कि अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है.

◆  यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब ट्रंप प्रशासन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से हटाने तक की धमकियां दे चुका है. 

◆  इन हालात के बीच मिडिल ईस्ट का एक मुस्लिम देश ऐसा है, जो अमेरिका के साथ खड़ा रह सकता है - वो है जॉर्डन. 

◆  मिडिल ईस्ट में अमेरिका के आठ स्थायी बेस हैं जो बहरीन, मिस्र, इराक, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन भी शामिल हैं.

◆  खाड़ी देशों ने अप्रैल 2025 में ही अमेरिका को साफ संदेश दे दिया था कि वे ईरान पर हमले के लिए अपना एयरस्पेस नहीं देंगे. 

◆  सिर्फ हमले ही नहीं, बल्कि रिफ्यूलिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भी उन्होंने अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल से इनकार कर दिया था. 

◆  इससे यह समझना भी बड़ी भूल होगी कि अमेरिका अब खाड़ी मुल्कों को अपनी जरूरतों में कम शामिल करेगा.

◆  खाड़ी मुल्कों की ताकत को इसी से समझा जा सकता है कि अप्रैल 2025 में एयरस्पेस के इस्तेमाल पर निराशा हाथ लगने के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप मई महीने में खाड़ी मुल्कों के दौरे पर पहुंचे. 

◆  संभावित रूप से इस दौरान भी उन्होंने अपने खाड़ी साथियों को मनाने की कोशिश की, लेकिन फिर भी मना नहीं सके थे.


*इसके बावजूद खाड़ी देशों ने ईरान के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई से दूरी बना ली थी और अमेरिका को अपने दूसरे रणनीतिक एयरबेस डियागो गार्शिया का इस्तेमाल करना पड़ा जहां से उसने 22 जून 2025 को ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए. इस हमले के बाद से ही ईरान-अमेरिका जंग के मुहाने पर खड़े हैं.*

हमारे बारे में

इंदिरा नगर लखनऊ उत्तर प्रदेश

9450165626

vstnewseditor@gmail.com

Follow Us
समाचार पत्रिका

Vst News

vst News LIVE हिंदी के सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन समाचार पोर्टल में से एक है। दैनिक अद्यतन ई-पेपर के लिए, हमारे ई-पेपर अनुभाग पर जाएँ।

VstNews.in . All Rights Reserved. Design by Business Innovation