*Project Kusha: भारत का अपना 'S-400'! ड्रोन से लेकर लड़ाकू विमान तक मार गिराने में सक्षम कुशा मिसाइल के बारे में जानें*
*क्या आप भारत के स्वदेशी कुशा मिसाइल के बारे में जानते हैं।*
* इसे रूस के शानदार एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम से कंपेयर किया जा रहा है।
*DRDO ने कुशा सरफेस टू एयर मिसाइल का पहला सफल टेस्ट करके एक नया इतिहास बना दिया है।*
*रक्षा निर्माण और रक्षा निर्यात में भारत की तेज़ उड़ान: प्रोजेक्ट 'कुशा' ने रचा इतिहास*
● भारत ने स्वदेशी प्रोजेक्ट कुशा (Long-Range Surface-to-Air Missile System) का पहला सफल फ्लाइट टेस्ट किया।
● यह परीक्षण DRDO ने ओडिशा स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से सफलतापूर्वक किया।
● मिसाइल ने हाई-स्पीड और हाई-एल्टीट्यूड हवाई लक्ष्य को सफलतापूर्वक मार गिराया।
● यह उपलब्धि भारत को लंबी दूरी की स्वदेशी एयर डिफेंस प्रणाली विकसित करने वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में ले जाती है।
● प्रोजेक्ट कुशा आत्मनिर्भर भारत अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
*प्रोजेक्ट कुशा की प्रमुख विशेषताएं*
- लड़ाकू विमान, क्रूज़ मिसाइल, स्टेल्थ लक्ष्य, बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक खतरों को रोकने की क्षमता।
- भारत की मल्टी-लेयर एयर डिफेंस शील्ड का बाहरी सुरक्षा कवच बनेगा।
- विदेशी एयर डिफेंस सिस्टम पर निर्भरता कम करेगा।
- RF + Infrared Dual-Mode Seeker जैसी अत्याधुनिक तकनीक से लैस।
- AESA रडार, INS और सैटेलाइट आधारित गाइडेंस सिस्टम का उपयोग।
- Mach 5.5 से अधिक गति से लक्ष्य को भेदने में सक्षम।
- ऑप्टिकल प्रॉक्सिमिटी फ्यूज़ और अत्याधुनिक वारहेड तकनीक से लैस।
*तीन शक्तिशाली इंटरसेप्टर मिसाइलें*
*M1 (120–150 किमी)*
- लड़ाकू विमान
- एंटी-रेडिएशन मिसाइल
- लो-फ्लाइंग क्रूज़ मिसाइल
*M2 (250 किमी)*
- रणनीतिक बॉम्बर
- स्टैंड-ऑफ जैमर
- लंबी दूरी के UAV (ड्रोन)
*M3 (350–400 किमी)*
- भारत की सबसे लंबी दूरी की स्वदेशी इंटरसेप्टर मिसाइल।
- AEW&C विमान
- खुफिया निगरानी विमान
- बैलिस्टिक मिसाइल
- हाइपरसोनिक खतरों को नष्ट करने में सक्षम।
*भारत की एयर डिफेंस को मिलेगी नई ताकत*
*प्रोजेक्ट कुशा निम्नलिखित प्रणालियों के साथ मिलकर काम करेगा:*
- S-400 ट्रायम्फ
- MRSAM
- आकाश-NG
- QRSAM
- IACCS (Integrated Air Command and Control System)
*इससे भारत की बहुस्तरीय वायु सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।*
● दुनिया की प्रमुख एयर डिफेंस प्रणालियों की बराबरी
*प्रोजेक्ट कुशा की तुलना दुनिया की प्रमुख एयर डिफेंस प्रणालियों से की जा रही है:*
- रूस का S-400 Triumf
- अमेरिका का Patriot PAC-3
- THAAD
- चीन का HQ-9B
- इज़राइल का David's Sling
*कुशा का उद्देश्य इन प्रणालियों की भूमिका को पूरक बनाते हुए भारत की स्वदेशी लंबी दूरी की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करना है।*
*रक्षा निर्माण और रक्षा निर्यात में भारत की तेज़ प्रगति*
● भारत तेजी से वैश्विक रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
● 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान ने रक्षा उत्पादन को नई गति दी है।
● भारत अब मिसाइल, रडार, ड्रोन, युद्धपोत, तोप, बख्तरबंद वाहन और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का स्वदेशी निर्माण कर रहा है।
● ब्रह्मोस, आकाश, पिनाका, तेजस, अर्जुन टैंक, प्रचंड हेलीकॉप्टर और अब प्रोजेक्ट कुशा जैसी प्रणालियां भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रमाण हैं।
● भारत का रक्षा निर्यात लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और अनेक देशों को स्वदेशी रक्षा उपकरणों की आपूर्ति की जा रही है।
● भारत का लक्ष्य केवल अपनी सुरक्षा मजबूत करना ही नहीं, बल्कि विश्वसनीय वैश्विक रक्षा निर्यातक के रूप में स्थापित होना भी है।
*प्रोजेक्ट कुशा की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।*
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